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जी तो हम रहे हैं। - वीर भद्र पंत
जी तो हम रहे हैं,पर जान नहीं साथ मेरे, सुना है कोई खाली जाता नहीं दर से तेरे। अब तो शायद मर के भी न मिल पाऊं उससे मीट जायेगी उसकी याद भी मौत के साथ मेरे क़त्ल किआ अरमानो का और जिन्द…
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