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एक दिन हम तुन्हे याद आएंगे। - वीर भद्र पंत

एक दिन हम तुन्हे याद आएंगे। - वीर भद्र पंत

एक दिन हम तुन्हे याद आएंगे।
दिल से याद करो दिन में भी नज़र आयंगे
नफरत करो गए तो टूट कर बिखर जायंगे
चुनते रह जाओगे अपनी यादो को
हम तुम्हे इतना याद आयंगे।

तेरी गली में न आयंगे दुबारा
रोते रहेंगे न बुलायंगे दुबारा
पीते रहेंगे ज़हर और मरते जायंगे
चुनते रह जाओगे अपनी यादो को
हम तुम्हे इतना याद आयंगे।

मुश्किल है सफ़र ये जुदाई का
कठिन है डगर ये मोहब्बत का
जुदा ना करो जी नहीं पायंगे
चुनते रह जाओगे अपनी यादों को
हम तुम्हे इतना याद आयंगे।

कभी किसी को जो बेसब्र चाहता हो वो
जिंदगी की डगर में कभी नहीं मिलता
तुको भी हम कभी नहीं मिल पायंगे
चुनते रह जाओगे अपनी यादों को
हम तुम्हे इतना याद आयंगे।

खो जाओगे तुम भी तन्हाइयों में,
तलाशोगे हमें अपनी गहराइयों में,
परछाई बनकर भी पास न आएंगे,
चुनते रह जाओगे अपनी यादों को,
हम तुम्हें इतना याद आएंगे।

ज़िक्र जब होगा महफ़िल में वफ़ा का,
असर दिखेगा तुम्हें मेरी दुआ का,
ख़ामोश रहकर भी सब कह जाएंगे,
चुनते रह जाओगे अपनी यादों को,
हम तुम्हें इतना याद आएंगे।

खामोशियाँ मेरी तुमको रुलाएंगी,
सूनी ये रातें तुम्हें बहुत सताएंगी
आवाज दोगे पर लौट नहीं पाएंगे,
चुनते रह जाओगे अपनी यादों को,
हम तुम्हें इतना याद आएंगे।

आँखों में आँसू छुपा न सकोगे तुम,
चाह कर भी हमको भुला न सकोगे तुम,
हवा का एक झोंका बन हम गुज़र जाएंगे,
चुनते रह जाओगे अपनी यादों को,
हम तुम्हें इतना याद आएंगे।

गुज़रेगा जो वक्त वो याद दिलाएगा,
हर एक लम्हा तुम्हें बस तड़पाएगा,
मिट कर भी हम दिल से मिट न पाएंगे,
चुनते रह जाओगे अपनी यादों को,
हम तुम्हें इतना याद आएंगे।

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