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वो हैं बेखबर। - वीर भद्र पंत

वो हैं बेखबर। - वीर भद्र पंत

अब किस को बेखबर देखते हैं,
ये दिन को रात होते देखते हैं।
उसकी याद जब आ जाती है,
बादलों में उसकी सूरत देखते हैं।

आती नहीं वो शायद कहीं खो गई है,
की पहले सी रही नहीं वो बदल गई है।
अब तो वो अनजान सा लगता है मुझको,
उसकी मूरत भी अब कहीं खो गई है।

दिल छल्ली और धड़कन भी खामोश है,
पानी तो पास है पर ये कैसी प्यास है,
उन्हें लगता है की हम पथर दिल हैं।
और हम हैं की हमेशा के लिए सो गए हैं।

उसके एहसास का कब्ज़ा अब भी दिल पर है,
उसके दिए घाव अब भी जिग़र पर हैं।
उन्हें लगता है हम बहुत खुस हैं,
और हम हर पल मानो मर रहे हैं।

वो अब कभी शायद आएगी नहीं,
मेरा करार कभी लौटाएगी नहीं।
हम तो पथर हैं जी लेंगे शायद,
पर उनको कभी याद आएंगे नहीं।

उनकी बेवफाई मौत से कम नहीं,
चली जाती है जान पर मौत आती नहीं।
ये तेरा प्यार है और वो वादा तेरा की,
मर जाएंगे पर अकेला छोड़ेंगे नहीं।

आज हम कुछ खुश है और कुछ दुःखी,
रहे वो आबाद हमेशा और हेमशा सुखी।
वो शायद खुदा भी है और कुछ पत्थर भी है,
हम खुदा और पत्थर में फर्क समझ पाये नहीं।

वो आता देख जाता की हम भी तड़पते हैं,
इन आंसुओ को पानी समझ कर पीते हैं।
क्या उन्हें ये एहसास कभी हो नहीं पायेगा,
की हम मरते हैं हर पल और यूँ ही हस्ते हैं।

ऐ खुदा क्या तू भी है बस कहने का खुदा,
क्यों नहीं देता मुझे कोई ऐसी सजा,
की देख उसकी आँखों में भी आये पानी,
वो आये काश सामने और आ जाये मज़ा।

उसने किआ बस नफरत मुझसे,
और हम करते गए मोहब्बत उससे,
उसके मोहब्बत में वो आग था ऐसा की,
जल गए हम पर कुछ कह पाये न उससे।

हम बस यूँ ही तड़प के मरना चाहतें हैं,
उसके नफरत का एक घूंट पीना चाहतें हैं।
सुना है वो बेनाम बड़ा बेरहम कातिल है
एक बार फिर हम क़तल होना चाहते हैं।

वो प्यार करे या नफरत मुझसे,
दोनों ही मुझे गवारा नहीं।
मर तो कब के गए हैं हम उसपर,
मौत आती है एक बार, दोबारा नहीं।

वो आये काश और भर ले बाहों में मुझे,
बिखरा हूँ कितना वो समेट ले मुझे,
या दे जाए मुझे ज़हर अपने ही हाथों से,
या पिला दे ज़हर अपने होटों से मुझे।

ऐ खुदा तू है गवाह मेरी इस तड़प का,
उसकी बेवफाई का और मेरी मौत का।
उससे भी धस्तखत ले ले इस दिल पर
की उसे भी पता चल जाये इस वारदात का।

मर गयी रूह बस बच गया ये सरीर मेरा,
जल गए अरमान और न रहा कुछ मेरा।
वो कहता था की वो बस मेरा ही है,
और आज वो भूल गया वो वादा मेरा।

जा तू खुस रहे ये दुआ हम कर जाएंगे,
तेरी नफरत के भी गले हम लग जाएंगे।
तू कर न सका कभी मोहब्बत मुझसे,
तुझे एक दिन हम जरूर भूल जाएंगे।

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